बजरी माफिया का खौफनाक कहर: वनकर्मी की जांघ पर चढ़ा दिया ट्रैक्टर, जयपुर में मौत से जंग लड़ रहे जितेंद्र

धौलपुर/जयपुर। राजस्थान में बजरी माफिया का आतंक इस हद तक बढ़ चुका है कि अब कानून की रक्षा करने वाले वनकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं। ताजा मामला धौलपुर जिले के सरमथुरा क्षेत्र का है, जहां अवैध बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक वनकर्मी को कुचलने की कोशिश की। इस हमले में वन विभाग के कर्मचारी जितेंद्र सिंह शेखावत गंभीर रूप से घायल हो गए और फिलहाल जयपुर के अपैक्स हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

तबीयत खराब होने के बावजूद निभा रहे थे ड्यूटी

NDTV से बातचीत में रेंजर देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बुधवार रात जितेंद्र की तबीयत ठीक नहीं थी। इसके बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। रात करीब 12 बजे वे पैदल ही दवा लेने गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही बजरी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

जांघ पर चढ़ा दिया ट्रैक्टर, निचला हिस्सा बुरी तरह कुचला

यह हमला इतना अचानक था कि जितेंद्र को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ट्रैक्टर का भारी पहिया उनकी जांघ के ऊपर से गुजर गया, जिससे शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। मौके पर ही अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया।

खून से काली पड़ गई खाकी वर्दी

जब साथी वनकर्मी नरेश वर्मा, जगदीश और घनश्याम घटनास्थल पर पहुंचे तो दृश्य देखकर उनकी रूह कांप गई। जितेंद्र खून से लथपथ पड़े थे। इतना खून बह चुका था कि उनकी खाकी वर्दी का रंग तक काला पड़ गया था।

एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक चला संघर्ष

घायल वनकर्मी को पहले सरमथुरा से करौली के अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें करौली रेफर किया गया। इसके बाद जयपुर के SMS अस्पताल, फिर अपोलो हॉस्पिटल और अंत में अपैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार ब्लीडिंग अत्यधिक होने के कारण उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगाले जा रहे

सरमथुरा थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में अज्ञात बजरी माफियाओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


निष्कर्ष:

धौलपुर की यह घटना राजस्थान में बजरी माफिया के बढ़ते दुस्साहस की भयावह तस्वीर पेश करती है। जब खाकी और खाकी-सी वर्दी पहनने वाले वनकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। प्रदेशभर में लोग घायल वनकर्मी जितेंद्र सिंह शेखावत की सलामती की दुआ कर रहे हैं और बजरी माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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