जयपुर में संक्रांति पर पतंगबाजों के लिए 'नो फ्लाई ज़ोन': इन 5 किमी के दायरे में पतंग उड़ाने पर सख्त पाबंदी; जानें हवा की चाल और मौसम का हाल

जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर में मकर संक्रांति का पर्व उल्लास के साथ मनाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हालांकि, इस बार राजधानी के एक बड़े हिस्से में पतंगबाजों को अपनी डोर थामनी होगी। सेना दिवस (15 जनवरी) के उपलक्ष्य में होने वाली भव्य परेड और सुरक्षा कारणों के चलते जिला प्रशासन ने जगतपुरा क्षेत्र के 5 किलोमीटर के दायरे में पतंग उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

यहाँ रहेगी पतंगबाजी पर रोक (9 AM से 1 PM तक) 14 और 15 जनवरी को आर्मी डे परेड के दौरान जगतपुरा के महल रोड और हरे कृष्णा मार्ग के आसपास हेलिकॉप्टर बहुत कम ऊंचाई पर 'फ्लाई-पास्ट' करेंगे। पक्षियों और पतंग की डोर से हेलिकॉप्टरों को होने वाले संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने:

  • महल रोड, हरे कृष्णा मार्ग और जगतपुरा के 5 किमी परिधि में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक पतंग उड़ाना प्रतिबंधित किया है।

  • नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

कैसी रहेगी हवा की चाल? (मौसम का पूर्वानुमान) मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, संक्रांति के दिन पतंगबाजों को थोड़ा धैर्य रखना होगा:

  • सुबह (10-11 बजे तक): हवा की गति बेहद धीमी (4 किमी/घंटा से कम) रहेगी, जिससे पतंग उड़ाने में मुश्किल आ सकती है।

  • दोपहर (12 बजे के बाद): उत्तर दिशा से हवाएं चलनी शुरू होंगी और रफ्तार बढ़कर 4 से 8 किमी/घंटा तक पहुँच जाएगी, जो पतंगबाजी के लिए अनुकूल होगी।

  • शाम (3 बजे के बाद): हवा की दिशा बदलकर पश्चिम से पूर्व की तरफ होने की संभावना है।

धूप खिलेगी, सर्दी से मिलेगी मामूली राहत उत्तरी राजस्थान में सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टरबेंस' के कारण तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 14 जनवरी को जयपुर में आसमान साफ रहेगा और दिन भर अच्छी धूप निकलेगी। इससे कड़ाके की ठंड से लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी। वहीं, 15 जनवरी को हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम रहने की उम्मीद है, जिससे उस दिन भी पतंगबाजी का मजा दोगुना हो जाएगा।


निष्कर्ष:

जयपुरवासियों के लिए इस बार की संक्रांति थोड़ी अलग होगी। जहाँ एक ओर शहर के बाकी हिस्सों में आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सजेगा, वहीं जगतपुरा क्षेत्र के लोगों को देश के शौर्य (आर्मी परेड) के सम्मान में अपनी पतंगों को दोपहर तक नीचे रखना होगा। सुरक्षा और उत्सव के बीच यह संतुलन बनाना शहर के लिए जरूरी है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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