मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। जितना लाभ केंद्र सरकार को मिलता है, उसी अनुपात में राज्यों के वैट संग्रह में भी बढ़ोतरी होती है। यदि सरकार अतिरिक्त आय का आधा हिस्सा जनता को लौटाए, तो पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी लाई जा सकती है।
गहलोत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात जैसे युद्ध और वैश्विक परिस्थितियां ईंधन की कीमतों पर असर डाल सकती हैं, लेकिन सरकार को देशवासियों को सच्चाई बतानी चाहिए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भी उल्लेख किया और कहा कि विपक्ष की भूमिका लोकतंत्र में महत्वपूर्ण होती है और उनकी बातों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 1 जून से प्रदेशभर के पेट्रोल पंप संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
जयपुर में सीएनजी की कीमत 1.59 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 96 रुपये प्रति किलो हो गई है। प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पहले ही 110-114 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है।
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