दौसा के यात्रियों का फूटा गुस्सा! गरीब रथ नहीं रुकी तो बढ़ेगी परेशानी, सांसद से लगाई गुहार

राजस्थान: के दौसा रेलवे जंक्शन पर बांद्रा टर्मिनस-दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ एक्सप्रेस के ठहराव की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। क्षेत्र के यात्रियों ने इस संबंध में सांसद मुरारीलाल मीणा को ज्ञापन सौंपकर रेलवे विभाग से ट्रेन के ठहराव की व्यवस्था कराने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि दौसा जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर गरीब रथ एक्सप्रेस का स्टॉपेज नहीं होना क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।

ज्ञापन में यात्रियों ने बताया कि दौसा और आसपास के क्षेत्रों से मुंबई, सूरत, बड़ौदा और रतलाम जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों को पहले जयपुर या अन्य बड़े स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिसके बाद उन्हें ट्रेन पकड़नी पड़ती है। इससे यात्रियों का समय, पैसा और मेहनत तीनों बर्बाद होते हैं।

सप्ताह में चार दिन चलती है गरीब रथ ट्रेन

यात्रियों ने बताया कि 12215 बांद्रा टर्मिनस गरीब रथ एक्सप्रेस और 12216 दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ एक्सप्रेस सप्ताह में चार दिन संचालित होती हैं। लेकिन इन ट्रेनों का ठहराव जयपुर के बाद सीधे अलवर में होता है। बीच में दौसा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन नहीं रुकती, जबकि यहां बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दौसा रेलवे जंक्शन पूर्वी राजस्थान का महत्वपूर्ण स्टेशन है और यहां प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं। इसके बावजूद महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव नहीं होना रेलवे की अनदेखी को दर्शाता है।

यात्रियों को दूसरे स्टेशन जाने की मजबूरी

दौसा के यात्रियों को गरीब रथ ट्रेन पकड़ने के लिए जयपुर, अलवर या अन्य बड़े स्टेशनों पर जाना पड़ता है। कई यात्रियों ने बताया कि देर रात या सुबह-सुबह ट्रेन होने के कारण उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यात्रियों का कहना है कि यदि गरीब रथ का ठहराव दौसा में हो जाए तो उन्हें लंबी दूरी तय कर दूसरे स्टेशनों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और छात्रों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी।

व्यापार और रोजगार को भी मिलेगा फायदा

स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि गरीब रथ एक्सप्रेस के ठहराव से केवल यात्रियों को ही नहीं बल्कि क्षेत्र के व्यापार और रोजगार को भी लाभ मिलेगा। मुंबई, सूरत और बड़ौदा जैसे शहरों से दौसा का व्यापारिक जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है।

यदि सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होती है तो व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी। साथ ही पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

सांसद से रेलवे में पैरवी की मांग

यात्रियों ने सांसद मुरारीलाल मीणा से मांग की कि वे रेलवे मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर गरीब रथ ट्रेनों का ठहराव दौसा रेलवे जंक्शन पर सुनिश्चित कराएं।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोगों ने कहा कि दौसा की बढ़ती आबादी और यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह मांग पूरी तरह जायज है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सांसद इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएंगे और जल्द समाधान निकालेंगे।

पहले भी उठ चुकी है मांग

दौसा रेलवे स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग पहले भी उठ चुकी है। स्थानीय संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर रेलवे प्रशासन को ज्ञापन सौंपे हैं।

हालांकि कुछ ट्रेनों का स्टॉपेज बढ़ाया गया, लेकिन गरीब रथ एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन अब भी दौसा में नहीं रुकती। इससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

रेलवे अधिकारियों से जल्द निर्णय की उम्मीद

यात्रियों को उम्मीद है कि यदि सांसद स्तर पर रेलवे मंत्रालय से बातचीत होती है तो जल्द सकारात्मक फैसला लिया जा सकता है। दौसा रेलवे जंक्शन की बढ़ती महत्ता को देखते हुए रेलवे प्रशासन भी भविष्य में यहां ट्रेनों के ठहराव पर विचार कर सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गरीब रथ का ठहराव शुरू हो जाता है तो यह क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि होगी और हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

दौसा रेलवे जंक्शन पर गरीब रथ एक्सप्रेस के ठहराव की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है। यात्रियों का कहना है कि सीधी रेल सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है। अब सभी की नजरें सांसद और रेलवे प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं कि क्या दौसा को गरीब रथ ट्रेन का ठहराव मिल पाएगा या नहीं।

 

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
| | राजस्थान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन शुरू | | JDA के नोटिस के बावजूद चल रहा “Boss Cafe” का रूफटॉप रेस्टोरेंट, स्टे की आड़ में नियमों को चुनौती? | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | राजस्थान हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'आटा-साटा' प्रथा को बताया कानूनी व नैतिक रूप से दिवालिया, कहा- 'बेटी किसी सौदे की कीमत नहीं' | जेडीए की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर फिर कब्जा, बुलडोजर चला… लेकिन अवैध कॉलोनी फिर खड़ी हो गई! | महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: CM का विपक्ष पर बड़ा हमला, डोटासरा बोले- “दिल्ली की पर्ची पढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री!” | राम मंदिर में आज रचा जाएगा इतिहास! राष्ट्रपति करेंगी ‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना, 7000 मेहमान बनेंगे गवाह | गैस संकट पर सरकार की बड़ी सफाई: घबराहट में बढ़ी सिलेंडर बुकिंग, रोज 50 लाख डिलीवरी; पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी नहीं |